एक पाद राज कपोतासन

Pigeon Pose,एक पाद राज कपोतासन

एक-पैर वाली कबूतर मुद्रा Pigeon Pose को ही एक पाद राजकपोतासन के नाम से जाना जाता है। फिल्मी अभिनेत्रियों एवं मॉडलो द्वारा स्वयं की फिटनेस के लिए आजकल इस योग आसान का बहुत अधिक प्रयोग किया जा रहा है ।

एक पाद राज कपोतासन परिचय -:

जिसके कारण यह आसन ट्रेंड में है देखने मे बेहद आकर्षक लगने वाले इस आसान को करना इतना आसान नही है । इस योगासन को करते वक्त शारीरिक आकृति या स्थिति कबूतर की तरह हो जाती है । इसलिए इसे एक पाद राज कपोतासन (Pigeon Pose) कहा जाता है।

Eka = One, Pada= foot, Raja = King, Kapot = Pigeon, Asana = pose

ऑफिस में लगातार कुर्सी पर बैठे रहने से फैट शरीर मे जमने लगता है । जिसके कारण शरीर बेडौल दिखने लगता है । शरीर को पुनः फिट बनाने के लिए नियमित योग अभ्यास करना सबसे बेहतर विकल्प होता है ।

फैट fat को खत्म करने में कुछ आसानो का विशेष महत्व है । उन्ही में से एक आसान है एक पाद राज कपोत आसान । जिसके लगातार अभ्यास से फैट तो खत्म होता ही है शरीर सुडोल बनता है एवं शरीर के लचीलेपन में सुधार होता है ।

धीरे धीरे कमर और जांघो पर जमा फैट खत्म होने लगता है । शरीर पर जमी चर्बी belly fat कई रोगों को आमंत्रण भी देती है। इस आसन के माध्यम से पुनः हम शरीर को फिट कर सकते है ।

Simple Pigeon Pose Beginners-

एक पाद राज कपोत आसान kapotasan को करने से ये आसान करना चाहिए आसान को करने के पूर्व सूक्ष्म व्यायाम करना बेहद आवश्यक है ।इस आसान को करने के पहले सूर्य नमस्कार करने से मांसपेशियों की अकड़न दूर हो जाती है ।

  • उत्थित पार्श्वकोणासन
  • सेतुबंधासन (Bridge Pose)
  • वृक्षासन (Tree Pose)
  • वीरासन (Hero Pose)
  • गोमुखासन (Cow Face Pose)
  • भुजंगासन (Cobra Pose)
  • बद्ध कोणासन (Bound Angle Pose)
  • उत्थित त्रिकोणासन (Extended Triangle Pose)

एक पाद राजकपोतासन योग करने का सही तरीका-

देखने मे बेहद आकर्षक लगने वाले इस आसान को करना इतना आसान नही है । आइए विधि जानते हे.

विधि -1


एक पाद राजकपोतासन करने के लिए आरंभ में आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखते हुए और उन पर वजन डालते हुए अपने शरीर को ऊपर उठायें यह अवस्था चतुरंग दंडासन के सामान है ।


अब एक पैर को चित्र में दर्शाए अनुसार आगे करें और उसे मोड़ लें और अपने हाथों को भी मोड़े और जांघों को फर्श पर स्थिर रखने का प्रयास करें । यह क्रिया आप आगे वाले पैर को बदलकर दूसरे पैर से भी दोहराहएं।

Pigeon Pose कबूतर मुद्रा एक पाद राज कपोतासन
Pigeon Pose

विधि -2


दंडासन में आकर बैठने की स्थिति में आये अब बाएं पैर को घुटनों से मोड़कर इसके तलवे को दाएं पैर की जांघ से लगाएं। थोड़ा स्वयं को स्थिर करने का प्रयास करें ।

अब दाएं पैर को शरीर के पीछे की ओर ले जाकर बिल्कुल सीधा कर दें। हाथों से सहारा देकर सन्तुलन बनाये । इसके बाद इसी दाएं पैर को घुटनों से मोड़ते हुए उसके पंजे को सिर से लगाएं यह स्थिति पंजे में ऐसा प्रतीत होता है.

जैसे आपने पंजे का सहारा लेकर आराम अवस्था मे स्वयं को रोका हो । अब दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए उन पंजों की अंगुलियों को पकड़ लें और छाती को बाहर की ओर खोलें।जिस तरह कबूतर का चेस्ट एकदम ओपन रहता है.

उसी तरह हमारा चेस्ट भी खुला हुआ होना चाहिए । इस स्थिति में कुछ देर तक रुकने के बाद यही क्रिया दूसरे पैर को आगे लाकर करें अर्थात अब बाएं पैर को पीछे ले जाकर यह क्रिया करें।

Benefits of Pigeon Pose –

1.शरीर का लचीलापन बढाने में यह आसान बेहद मददगार है । शरीर के लचीले बनने से आपको योग साधना करने में बहुत लाभ प्राप्त होता है ।

2.यह आसान रीढ़ की हड्डी के लचीले पन को बढ़ाता है । रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन के बढ़ने से आप कठिन से कठिन आसान बेहद आसानी के साथ कर पाते है ।

3.यह आसान चेस्ट को सही आकार देने में मददगार है । चेस्ट के विकास में बहुत सहायक होता है । सेना एवं पुलिस की भर्ती में चेस्ट साइज की भूमिका का महत्व सभी जानते है । लेकिन सामान्य जीवन मे भी चेस्ट के सुडोल होने से व्यक्तित्व प्रभावी नजर आता है ।

4.पाचन तंत्र की मजबूती में एक पाद राज कपोतासन का बहुत महत्व है । पाचन तंत्र ठीक होने से आप अनेको छोटे बड़े रोगों से आसानी से बच सकते है ।

5.इस आसान को करने से कंधे के मसल्स मजबूत होते है ।उच्च अभ्यास के योगासन करने में कंधों का अधिक उपयोग होता है । शरीर की सरंचना में भी इस आसन के माध्यम से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते है ।

6.इस आसान के नियमित अभ्यास से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में वृद्धि होती है। मन स्थिर होता है ।

7.यह आसान कूल्हे के जोड़ को मजबूत करता है।

8.जांघों, लस और पाइरफॉर्मिस मांसपेशियों (Pyriformous muscles) को स्ट्रेच करता है।जिसके कारण इन हिस्सो में फैट खत्म होता है साथ ही शरीर का लचीलापन बढ़ता है ।

9.इस आसान को नियमित करने से मूत्र विकार (Urinary disorder) को दूर करने में मदद मिलती है । मूत्र विकार को जड़ से खत्म करने में यह आसन बहुत उपयोगी है ।

10.आंतरिक अंगों को उत्तेजित करने में यह आसन बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । किसी भी तरह की यौन कमजोरी को दूर करने में यह बहुत मददगार है । पुरुष एवं महिला दोनों के ही यौन रोग में यह कारगर उपाय है ।

11.पीठ के निचले हिस्से में दर्द कमर दर्द और अकड़न दूर करने में सहायक है।

12.चेस्ट को इस आसान के माध्यम से जब फैलाते है तो यह तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है और इससे ऑक्सीजन का सेवन भी बढ़ाता है, यह आपके फेफड़ो को मजबूत बनाता है।इसी कारण अस्थमा और श्वास संबंधी अन्य बीमारियों से बचाव के लिए ये आसन किया जाना चाहिए।

13.कपोतासन का अभ्यास करके अन्य योगा आसन को भी सुधारा जा सकता है। क्योकि इससे शरीर अन्य आसानो को करने हेतु भी तैयार होता है ।

सांवधानियां -:

1.उच्च प्रशिक्षित एवं अनुभवी योग गुरु के मार्गदर्शन में ही करें । पहले अपने योग गुरु को आसान करते समय ध्यान से देखे फिर उनके द्वारा बताई गई विधि का अनुसरण करें ।

2.इस आसान को करने के लिए खाली पेट होना बहुत आवश्यक है ।

3.शुरुआती योग अभ्यासी इस आसान का अभ्यास बिल्कुल न करें । पहले शरीर को तैयार करें उसके बाद ही नियमित थोड़ा थोड़ा अभ्यास करना बेहद जरूरी है ।

4.जिन्हें घुटने में किसी भी प्रकार का दर्द है या पीठ में गर्भवती महिलाओं , स्लिप डिस्क ,साइटिका या अन्य पीठ संबधित बीमारी है तो कृपया इस आसान को बिल्कुल न करें ।

5.यह आसान बिल्कुल भी जल्दीबाजी में न करें ऐसा करने से गलत आसान होगा और आपके फायदे की जगह नुकसान होगा ।

लेखन -: योग गुरु डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ )

फोटो -: डॉ सुमेका जैन उज्जैन (स्त्री रोग विशेषज्ञ ) योग साधिका उज्जैन योग इंस्टीट्यूट

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2 thoughts on “एक पाद राज कपोतासन”

  1. एक पाद राजकपोतासन के बारे में बहुत ही बढ़िया जानकारी आप ने दी हैं

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