पेट फूलना pet fulna (तोंद) का कारण निदान डाइट एवं योग

पेट फूलना pet fulna (तोंद) का कारण एवं निदान डाइट एवं योग

पेट का तोंद की तरह फुला फुला नजर आना । morning पेट का आकार सही नजर आना और शाम होते होते पेट का फूल जाना pet fulna जो कि तोंद की तरह नजर आने लगती है ।

stomach swelling Bloating in Hindi

  • पेट सही तो हम एक दम स्फूर्ति से भरे हुए नजर आते है आलस्य हमसे कोसो दूर रहता है ।
    हमारे पेट में अंदरूनी परत होती है, जिसे म्यूकोसा कहते हैं। इसी परत में कई सूक्ष्म ग्रन्थियां होती हैं
  • जो भोजन को पचाने के लिए स्टमक एसिड और पेप्सिन नामक एंजाइम का निर्माण करती हैं।  स्टमक एसिड भोजन को पचाता है, वहीं पेप्सिन प्रोटीन को हजम करता है। जब इस अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है,
  • तो पेट में गैस की समस्या होने लगती है। इस कारण स्टमक ऐसिड और पेप्सिन का उत्पादन कम होने लगता है और पेट खराब हो जाता है, इसे ही पेट फूलना यानी ब्लोटिंग की समस्या कहते हैं।

पेट फूलने pet fulna की समस्या(तोंद) कारण एवं निदान जरूरी डाइट एवं योग -:

जबकि सच्चाई यह गैस का Baloon मात्र होती है तोंद नही । आमतौर पर पेट फूलने का कारण पेट में बनने वाली गैस होती है। जिससे पेट का आकार गुब्बारे के समान बढ़ने लगता है। इसे पेट की सूजन भी कहते हैं।

यह समस्या तब आती है जब छोटी आंत के अन्दर गैस भर जाती है।इसका अर्थ है कि पेट मे सब ठीक नही चल रहा है । पेट की गडबडी का यह शुरुआती संकेत होता है ।

इसे नजर अंदाज करने पर यह बीमारी गंभीर भी बन सकती है।

pet fulna क्या है जानिए कारण -:

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पेट फूलना pet fulna (तोंद) का कारण एवं निदान डाइट एवं योग

आजकल अव्यवस्थित जीवनशैली में एसिडिटी, गैस होने की समस्या होना, पेट फूलना जैसी समस्याएं बहुत ही आम बीमारी हो गई है।ब्लोटिंग कई कारणों से हो सकते हैं जैसे,

अनियंत्रित जीवनशैली ,खानपान में गड़बड़ी, हार्मोनल असंतुलन, बासी भोजन का सेवन, पेट में पानी या फ्लूइड का भर जाना, कब्ज, ज्यादा देर तक भूखे या फिर एक ही जगह पर देर तक बैठे रहना,

माता बहनों में पीरीयड्स आने पर होने वाले शारीरिक बदलाव भी pet fulna का कारण बनते हैं। इसके अलावा दवाइयों का अधिक सेवन ब्लोटिंग की वजह हैं।

सर्दी के मौसम का प्रभाव -:

सर्दी के मौसम में आमतौर पर पेट में गैस बनने, पेट के भारीपन और पेट फूलने pet fulna की समस्या बढ़ जाती है। सर्दी में ये समस्याएं बहुत बढ़ जाती हैं

क्योंकि आमतौर पर सर्दियों में हमारा मेटाबॉलिज्म और पाचन धीरे हो जाता है, जिसके कारण भारी आहार आसानी से पचता नहीं है।

पेट फूलने के लक्षण व नुकसान -:

  • -घबराहट
  • – सीने में जलन
  • -बेचैनी
  • -पेट से आवाज आना
  • –पेट में दर्द
  • -कब्ज या दस्त
  • -वजन घटना
  • -थकान
  • –तेज सिरदर्द या कमजोरी
  • -बार-बार गैस बनना
  • -गैस निकलने पर बदबू आना
  • -पेट फूलना pet fulna और खट्टी डकारे आना
  • -उल्टी जैसा महसूस होना
  • -भूख कम लगना
  • -लगातार हिचकी आना
  • -पेट में ऐंठन होना
  • -कभी-कभी बुखार आना
  • -कब्ज
  • -मल का रंग बदलना या फिर उसके साथ खून आना
  • अन्तिम दो लक्षण का मतलब है कि आपकी समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है और इसको अनदेखी करना सही नहीं है। तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है ।

कैसा हो डाइट प्लान क्या खाएं क्या न खाएं pet fulna homeopethy -:

  • सर्दियों में लोग अक्सर पालक और पत्ता गोभी ज्यादा खाते हैं। ये दोनों सब्जियां स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती हैं मगर इनका बहुत अधिक सेवन नहीं करना चाहिए,
  • क्योंकि ये पेट में गैस का कारण बन सकती हैं। सर्दियों में पानी कम पीने में आता है जिसके कारण भी पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो जाती है ।
  • इसके अलावा चना, चने की दाल, बीन्स, बेसन से बने फूड्स, मैदा, राजमा, छोले आदि के सेवन से भी पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो जाती है।
छोटी आदत में बदलाव समस्या का हल है खाना खाने के बाद pet fulna -:

खाना खाने के तुरंत बाद घूमने नही जाना चाहिए कम से कम 30 मिनट रुककर घूमने जाना चाहिए । पेट में अधिक गैस बनने पर कब्ज की समस्या होने लगती है।

कब्ज में पेट के भीतर मल आंतो में सड़ने लगते है। यदि इस मल को शरीर से बाहर नहीं निकालते है। तो पेट फूलने की समस्या हो जाती है। इसका समाधान रोजाना व्यायाम व उचित पौष्टिक आहार से ही कर सकते है।

(उज्जैन योग क्लास 9977383800)

अक्सर लोग खाना खाने के साथ-साथ पानी पीते रहते हैं। ये आदत भी गैस ज्यादा बनने और ब्लोटिंग की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकती है। इसलिए खाना खाते समय या इसके तुरन्त बाद पानी न पिएं।

ध्यान रखें कि अगर आपको पानी पीना है तो खाने से 30-45 मिनट पहले या 30-45 मिनट बाद ही पिएं। इससे आपका आहार ठीक से पचेगा और गैसा या पेट में भारीपन की समस्या नहीं होगी।

रात को सोने के 2 या 3 घण्टे पहले भोजन कर लेना चाहिए । खाना खाने के बाद आमतौर पर नींद आती है मगर फिर भी तुरन्त सो जाना आपके पाचनतंत्र और सेहत के लिए खतरनाक है।

हर सुबह फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट करें। इससे आपको वक्त से पहले भूख नहीं लगेगी और आपका पेट नहीं फूलेगा।रात्रि में फल, दही, सत्तू, मूली और बैंगन नहीं खाना चाहिए।-

खट्टे, चटपटे, चाट-पकौड़े, गोल-गप्पे, दही-भल्ले, समोसे, कचौरी-छोले-भटूरे बिल्कुल न खाएं।
गर्म खाद्य-पदार्थों, गर्म मिर्च-मसाले और अम्लीय रसों से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

चाय, कॉफी का बिल्कुल ही त्याग कर दें।जंक फूड और फास्ट फूड के अलावा सॉफ्ट कोल्ड ड्रिंक का भी परित्याग कर दें।

आप प्रतिदिन कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं। खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं। प्रतिदिन कम से कम 60-75 मिनट योगासन जरूर करें। इससे पेट के अंदरूनी अंग सही प्रकार से काम करते हैं और हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है।

आप योग ट्रेनर की देख-रेख में ही योग करें ।
पेट की मालिश करने से भी आंतों में सक्रियता आती है, जो पेट फूलने व गैस आदि समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है ।

घर पर बने स्वादिष्ट भोजन को आप ज़रुरत से ज़्यादा खा लेते हैं, नतीजन पेट फूलने की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए  भूख से एक रोटी कम ही खाएं।

घरेलू उपचार -: गर्म पानी से नहाने से शरीर रिलैक्स होता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट अच्छी तरह से काम करता है, जिससे ब्लॉटिंग की समस्या से आराम मिलता है।

सर्दियों के मौसम में सुबह गर्म पानी से नहाकर ही योग करना चाहिए ताकि शरीर की जकड़न दूर हो जाये ।
नींबू पानी पेट की हर समस्या में वरदान है।

नींबू में साइट्रिक एसिड होता है जो पेट के लिए बहुत लाभदायक होता है। आप किसी शीशी में जीरा पीसकर और उसमें काला नमक मिलाकर रख लें।

जब भी खाना खायें उसे साथ रखें और खाना खत्म होने के बाद थोड़ा सा यह चूरन लेकर उसे एक घूंट पानी के साथ निगल जायें। खाना खाने के तुरंत बाद ही ज्यादा पानी न पिए ।

गैस की समस्या में बेकिंग  सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) भी लाभ दायक है। यह एक प्रकार से एंटासिड की तरह काम करता है। इसके सेवन से पेट में एसिड का स्तर सामान्य हो सकता है।

सौफ का बीज पेट सम्बंधित समस्याओं के लिए अच्छा इलाज माना जाता है। इसमें पाचन तंत्र को सही रखने की क्षमता होती है।

इसमें माइक्रोबियल के गुण होते है। जो मांसपेशियो में ऐठन व सूजन को दूर करने में सहायता करता है। भोजन के बाद सौफ के बीज को जरूर चबाये।

पेट में गैस बनने के कारण होने वाली जलन को कम करने के लिए एलोवेरा जेल ऐलोवेरा ज्यूस सबसे बेहतर उपाय है। एलोवेरा में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं,

जो पेट की अंदरूनी परत में आई सूजन को कम करने में मदद करते हैं।आसानी से मिलने वाले नारियल पानी विभिन्न विटामिन्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

साथ ही इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होता है, जो गैस के कारण पेट में आई सूजन को कम कर सकता है।

पुदीना में मौजूद मेथान ऑयल होता है। इसमें एंटी-स्पास्मोडिक के भी गुण होते है। जो मांसपेशियो को आराम देने में सहायता करता है।

यह पित्त नली और पित्ताशय की थैली में ऐंठन को दूर करता है।

सेब के सिरके का सेवन किया जा सकता है।ग्रीन टी का सेवन भी फायदेमंद है । अदरक में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक संक्रमण के कारण पेट में होने वाली सूजन को कम करने में सक्षम है।

अदरक भी गैस की समस्या में लाभदायक है ।गैस से होने वाले रोग से बचाने में अदरक मदद करता है।ओटमील में पर्याप्त मात्रा में फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं, जिस कारण पाचन तंत्र अच्छी तरह से काम करता है।

शहद भी गैस की समस्या में बेहद मददगार होता है ।
शहद में एंटीबैक्टिरियल गुण होते हैं, जिस कारण यह पेट में पनपने वाले हानिकारक जीवाणुओं से लड़ने में सक्षम है।

साथ ही शहद में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो गैस के कारण नष्ट हुई पेट की परत को ठीक करने का काम करते हैं।

आसानी से उपलब्ध होने वाला गुड़ खाने से पाचन तंत्र अच्छा होता है और गैस व एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

जीरे में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण ही यह गैस व पेट की अन्य बीमारियों में रामबाण की तरह काम करता है।

हल्दी बेहद फायदेमंद है कोरोनाकाल में इसके अनेको लाभ है । हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो इसे एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण प्रदान करता है।

हल्दी के सेवन से पेट में गैस के कारण हो रही जलन और सूजन को कम किया जा सकता है। किचन में पाई जाने वाली हींग में एंटीस्पास्मोटिक, एंटीसेप्टिक, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गैस और अपच से राहत दिलाते हैं ।

सस्ता एवं लोकप्रिय फल पका हुआ केला पेट फूलने की समस्या को कम करता है। इसमें उपस्थित पोटैशियम और अन्य खनिज पेट में गैस, कब्ज की समस्या को दूर करता है। रोजाना केला का सेवन करना चाहिए । केले के बाद 2 इलाइची अवश्य खाएं ।

पेट फूलने की समस्या पर कौन कौन से योग लाभदायक होते है -:

  • मयूरासन Peacock Pose
  • अर्ध मत्स्येंद्रासन
  • हलासन
  • पवनमुक्तासन
  • सुप्त पवनमुक्तासन
  • तितली मुद्रा  Butterfly Pose
  • मत्स्यासन
  • मलासन
  • भुजंगासन
  • बालासन
  • धनुरासन
  • अर्ध मत्स्येन्द्रासन है
  • अर्ध भेकासना
  • उत्तानासन
  • सर्वांगासन
  • मण्डूक आसान
  • अधोमुख स्वान आसान
  • वज्रासन
  • शवासन

(लेख में वर्णित उपचार एवं समाधान प्राकृतिक चिकित्सक ,आयुर्वेदाचार्य ,योगाचार्य ,चिकित्सा विशेषज्ञ की देखरेख में ही अपनाए या उनसे सलाह लेकर ही इनका उपयोग करें ।)

(लेख प्रयोजक उज्जैन योग इंस्टिट्यूट उज्जैन योग क्लास 9977383800 )

योगाचार्य -: पं.मिलिन्द्र त्रिपाठी (M.Sc Yog therapy  )

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