Pregnancy Yoga: गर्भावस्था में किये जाने वाले योग

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मेरी ऑनलाइन योग क्लास और मेरे योग इंस्टिट्यूट पर इस समय सभी योग साधक लगभग मुझसे एक प्रश्न पूछ रहे है । विराट और अनुष्का ने गर्भावस्था pregnancy के 8 वे महीने में शीर्षासन yoga किया गुरुदेव यह गलत है या सही ?

मैने सभी को एक स्वर में कहां इसका उत्तर मैं लेख के माध्यम से आपको दूंगा क्योकि इसका उत्तर एक लाइन में नही दिया जा सकता इस विषय को पूरा समझने की जरूरत है ।

आज का बड़ा सवाल-
क्या प्रेगनेंसी के समय शीर्षासन किया जा सकता है या इसके सेहत को खतरा हो सकता है ?

आज के दौर में सेहतमंद जिंदगी के लिए योग को Dailyroutin में शामिल करने की सलाह सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है। यह एक दम सही भी है में नियमित इसका वास्तविक अनुभव देख रहा हूँ कि योग के नियमित अभ्यास से आपको सेहत से जुड़े अनेक फायदे होते हैं, साथ ही शरीर लचीला और मन शांत भी रहता है।

लेकिन जब बात गर्भावस्था pregnancy में योग करने की आती है तो सलाह दी जाती है की अतिरिक्त सावधानी के साथ ही योग किया जाए । गर्भावस्था के दौरान सभी तरह के आसनों को नहीं करना चाहिए नहीं तो इसके भारी नुकसान भी हो सकते हैं।

(कौन से आसान करना चाहिए उसकी सूची नीचे दी गयी है ।) सबसे महत्वपूर्ण बात की उन्हीं योग को करें जिसे आप सहजता से कर सकें। गर्भावस्था के बढ़ते चरणों के दौरान पेट पर दबाव डालने वाले आसनों से बचना चाहिए । शुरुआती 3 महीने में सूक्ष्म योगासन एवं सूक्ष्म यौगिक क्रियाएं ही करनी चाहिए । अन्यथा मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है ।

गर्भावस्था में कठिन योग करने की मनाही रहती है । शीर्षासन अर्थात सिर नीचे और पांव ऊपर करने से जुड़े आसन भी उचित नहीं माने जाते।

चिकित्सा विशेषज्ञ बताते है कि गर्भावस्था में आपका गुरुत्वाकर्षण का केंद्र बदल जाता है। इसकी वजह से सिर नीचे और पांव ऊपर करके संतुलन बनाना बेहद मुश्किल होता है और आपके गिरने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस परिस्थिति में उल्टा खड़ा होना बेहद खतरनाक ओर जानलेवा भी हो सकता है ।


साथ ही गर्भावस्था में आपको पेट के बल लेटने वाले आसानो कि भी सख्त मनाही रहती है । इससे आपके बढ़े हुए पेट पर दबाव पड़ता है।

गर्भावस्था(Pregnancy yoga) में योग फायदेमंद है लेकिन सावधानियों के साथ -:

प्रेगनेंसी के दौरान धीरे धीरे योग आसानो को करना फायदेमंद माना जाता है क्योंकि योग में सांस लेने की प्रक्रिया शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करती है, जो गर्भावस्था के दौरान बेहद जरूरी है।

साथ ही सही तरीके से योग करने के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे को ऑक्सीजन से भरपूर खून का लाभ भी मिलता है। बावजूद इसके गर्भवती महिलाओं को योगासन के कुछ कठीन आसान करते समय संयम बरतना चाहिए, खासकर इन्वर्जन वाले पोज करते वक्त वरना बच्चे को बड़ा नुकसान होने का खतरा हो सकता है।

ज्यादा वजन वाली महिलाओं को और अधिक सावधानियां रखने की आवश्यकता होती है ।साथ ही उन महिलाओं को भी गर्भावस्था में योग करने से परहेज करना चाहिए, जो गर्भाधारण से पहले कभी योग नहीं करती थीं या फिर जिन्हें प्रैक्टिस न हो। शरीर के साथ जबरदस्ती करना घातक हो सकती है ।

गर्भावस्था के आठवें महीने में क्यो शीर्षासन घातक है -:

8 वे महीने के अंत तक गर्भ लगभग 19 इंच लंबा होगा और वज़न में लगभग 2-3 किलो का हो जाता है एवं गर्भ में जगह भी कम बचती है इसलिए वो अब पहले की तरह घूम नहीं पाता है। और अब उसका सिर संभवतया नीचे की ओर हो जाता है और वो इसी स्थिति में पैदा होने तक रहता है।

ऐसे में शीर्षासन के दौरान हम एकदम सर के बल खड़े हो जाते है अवस्था मे जाने के लिए पैरों को ऊपर ले जाते समय पैर पर अतिरिक्त दवाब बनता है तथा झटका लगने की संभावना भी बनी रहती है । बेलेंस बिगड़ने पर पेट पर अधिक दवाब आ सकता है एवं महिला पेट के बल गिर भी सकती है ।

गर्भावस्था में कौनसे आसान बिल्कुल नही करना चाहिए Pregnancy yoga-:

  • नौकासन
  • चक्रासन
  • धनुरासन
  • अर्ध मत्स्येन्द्रासन भुजंगासन
  • विपरीत शलभासन
  • शलभासन
  • हलासन
  • शीर्षासन
  • अधोमुख वृक्षासन आदि एवं
  • पेट के बल किये जाने वाले समस्त आसान

गर्भावस्था में किये जाने वाले योग -:

  • कटि चक्रासन
  • चक्कीचलनासन
  • उष्ट्रासन
  • वक्रासन
  • वीरभद्र आसन
  • वृक्षासन
  • वज्रासन
  • मार्जरी आसन
  • ताड़ासन
  • भद्रासन
  • उत्‍कतासन
  • कोणासन
  • हस्त पनंगस्तासन
  • पर्यंकासन
  • पर्वतासन
  • तितली आसन
  • नाड़ी शोधन प्राणायाम
  • योग निद्रा
  • भ्रामरी प्राणायाम आदि

अनुभवी योग एक्सपर्ट की सलाह एवं देखरेख बेहद जरूरी-:

योग की शुरुआत करते समय किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ का मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। लेकिन गर्भवती महिलाओं के मामले में तो यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है.

कि वे बिना प्रशिक्षण एवं देखरेख के योग न करें। आजकल इंटरनेट(internet) पर अप्रशिक्षित लोगो द्वारा कई वीडियो डाल दिए जाते हैं जिन्हें देखकत योग करना खतरनाक सिद्ध हो सकता है। नुकसान पर आप उन पर दोष भी नही दे सकते क्योंकि वो अनजान होते है इसलिए जिम्मेदार नही होते ।

गर्भावस्था में योगासन के फायदे (Pregnancy yoga) -:

Pregnancy के योगासनों के दौरान दो बिंदुओं पर खास ध्यान दिया जाता है। पहली तो पेल्विक सामान्य स्तर पर खुले, मांसपेशियां लचीली और मजबूत बनें । सामान्य आसनों की तुलना में आसानो को थोड़ा हल्का बना दिया जाता है। सामान्य गर्भावस्था में पूरे नौ महीनों तक योगासन किये जा सकते हैं। इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना ज्यादा से ज्यादा रहती है। प्रेगनेंसी के दौरान योगा क्लासेज प्रेगनेंसी के तीन महीने गुजर जाने के बाद ही जॉइन करें ।

लेखन एवं संकलन योगाचार्य पं. मिलिन्द्र त्रिपाठी (M.Sc yoga therapy ) 9977383800

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