Side-Effects of Eating Sweet in Hindi मीठा खाना सेहत के लिए हानिकारक है

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आज जब सुबह में योग पर अपना व्याख्यान दे रहा था तब मुझसे एक शिष्य ने बहुत शानदार प्रश्न किया । उनका कहना था सर आप बार बार मीठा कम खाने की सलाह देते है आखिर मीठा खाने से कौन कौन से नुकसान हो सकते है । Side-Effects of Eating Sweet in Hindi तब मैंने जो बताया लिखित रूप में आप सभी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मैने आज का यह लेख लिखा है ।

ज्यादा मीठा खाना सेहत के लिए हानिकारक है -:

हमारे देश मे मीठे खाने के शौकीन लोगो की कमी नही है । मीठा खाना सभी को बहुत पसंद होता है। मीठा व्यंजन खाने पर मन जल्दी भरता ही नहीं है और अधिक खाने के लालच में हम स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी कर बैठते है ।

मीठी चीजों में कार्बोहाइड्रेट होता है जो कि फील गुड हार्मोन्स (सिरोटोनिन)को स्त्रावित (रिलीज) करती है । मीठे से एंडोर्फिन नामक हार्मोन भी स्त्रावित (रिलीज ) होता है जो शांत (रिलेक्स) महसूस करने में मदद करता है । इसी लिए लोग मीठे के दीवाने है ।

Side-Effects of Eating Sweet in Hindi लेकिन इसके नुकसान जानकर आप जरूर मीठे से दूरी बना लोगे । लेकिन सब कुछ जानकर भी लोग इसके नुकसान को नजरअंदाज कर देते है । हमारे देश मे तो बिना मिठाई के कोई खुशखबरी अधूरी सी लगती है ।

थोड़ा बहुत मीठा खाना ठीक होता है लेकिन अधिक मीठा खाना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है । केवल शुगर के मरीजों के लिए ही नही बल्कि हर व्यक्ति के लिए मीठे से परहेज जरूरी है ।

हमारे देश मे एक ओर चलन है खाना खाने के बाद मीठा खाने का यह भी सेहत के लिए नुकसानदेह होता है । जो लोग व्यायाम नहीं कर पाते है एवं उनकी दिनचर्या में शारिरिक श्रम बहुत कम होता है ऐसे में यदि भी वजन कम करना चाहते है तो उनको मीठा बेहद कम खाना चाहिए।

अधिक इम्युनिटी पर जोर दिया जा रहा है । हर व्यक्ति इम्युनिटी बढाने के उपाय खोज रहा है उन्हें अपना रहा है । लेकिन अधिक मीठा खाना आपकी मेहनत को बर्बाद कर सकता है ।

यह इम्युनिटी को कमजोर करता है जिसके कारण आपका शरीर रोगों से लड़ नही पाता है एवं बीमारियों से घिर जाता है । अधिक मीठा खाने का मन करें तो अल्प मात्रा में खाकर मीठे खाने की भूख को शांत कर ज्यादा खाने के लालच से बचा जा सकता है ।

शादी पार्टियों में गुलाबजामुन की रेस लगती है कौन मित्र अधिक गुलाबजामुन खायेगा इस चक्कर मे लोग एक बार मे 10 से ज्यादा गुलाब जामून खा लेते है और सोचते है एक दिन खा लेने से कौनसी बीमारी हो जाएगी ?

लेकिन यह सोच ही बदलने की जरूरत है जब हर दिन सेहतमंद होगा तभी तो जीवन हमारा सेहतमंद होगा । मीठे के विकल्प के रूप में फलों का सेवन करना ज्यादा अच्छा है ।

अमेरिकन जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी की एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक, नमक से ज्‍यादा खतरनाक अधिक मात्रा में मीठा खाना होता है । इस लिए आज के लेख में पढ़िए

मीठे खाने के नुकसान Side Effects of Eating Sweet in Hindi -:

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार महिला को एक दिन कम से कम 100 कैलोरी और पुरुष को 150 कैलोरी मीठा खाना चाहिए। यदि इससे ज्यादा मात्रा में कैलोरी ली गयी तो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है ।

आखिर एक दिन में कितना मीठा खाना चाहिए ? -:

तब सवाल उठता है एक दिन में कितना मीठा खाना चाहिए अर्थात मीठे की मात्रा कितनी होनी चाहिए ।

दिल को बीमार कर सकता है -:

अधिक मीठा खाने से ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी होती है जो दिल के लिए बेहद घातक होता है ।

समय के पूर्व बुढापा नजर आना -:

ज्यादा मात्रा में शक्कर (मीठे)का सेवन करते हैं तो यह बॉडी में इंफ्लेमेटरी इफेक्ट बनाती है जिससे त्वचा झुर्रियां पड़ने लगती है एवं व्यक्ति समय के पूर्व बूढा नजर आने लगता है ।

दिमाग की सुस्ती में मीठे का योगदान -:

ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है जो दिमाग के लिए बेहद हानिकारक है । जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है तो दिमाग तक सही मात्रा में ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता और दिमाग एक्टिव नही रह पाता । याददाश्त कमजोर पड़ जाती है ।

हड्डियों के लिए अधिक मीठा खाना घातक होता है -:

चिकित्सकीय शोध के अनुसार लोग अपने भोजन में अधिक मात्रा में मीठी खाद्य सामग्री शामिल कर लेते है, जिसके कारण हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती है।

इस वजह थोड़ी सी भी चोट लगने पर हड्डियों में टूट फुट हो सकती है।इसके कारण हड्डियों में से आवाज भी आने लगती है । एवं दिनभर सुस्ती थकावट बनी रहती है ।

  • दांतो के लिए अभिशाप -:

बचपन से सुनते आए है कि मीठा खाने से दांत सड़ जाते है । लेकिन फिर भी हम मीठा खाने के बाद बिना ब्रश करें सो जाते है । यह छोटी सी गलत आदत दांतो के लिए अभिशाप बन जाती है ।

अत्यधिक मीठा खाने से दांतो में असहनीय दर्द की समस्या होने लगती है। मीठा मसूड़ों में सड़न उत्पन करता है । जिसके कारण पायरिया रोग तक होने का अंदेशा बना रहता है ।

  • रात्रि की नींद का दुश्मन मीठा -:

रात्रि में नींद का पूरा होना जरूरी है लेकिन जिन्होंने रात के भोजन में अधिक मीठे का सेवन किया होता है तो उनको नींद नही आती या देर रात में नींद आती है जिसके कारण नींद पूरी नही हो पाती है । इसके कारण मानसिक रोग होने की संभावना बढ़ जाती है ।

  • मीठा खाना आंतो का दुश्मन -:

मीठे खाने को पचाने में आंतों को ज्यादा मेहनत करनी होती है । यह आंतो का दुश्मन होता है । सीमित मात्रा में मीठा खाना ठीक है अधिक मात्रा में मीठा खाना नुकसानदेह हो सकता है ।

  • मीठा खाना लिवर के लिए घातक है -:

फैटी लीवर डिसीज होने का बड़ा कारण है ज्यादा मीठा खाना । मीठा खाने के बाद लीवर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिससे लीवर पर विपरीत असर पड़ता है जिससे फैटी लीवर डिसीज होने की संभावना बढ़ जाती है ।

  • योग के माध्यम से ब्लड शुगर के लेवल पर कंट्रोल कर सकते हे -:

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबित , 7 करोड़ भारतीय शुगर नामक बीमारी से पीड़ित हैं। भारत में यह तीसरी सबसे बड़ी बीमारी कही जा सकती है।


मधुमेह की समस्या को पूर्णतः ठीक करने के लिए अपनी जीवन शैली में योगासन, प्राणायाम व ध्यान जरूर शामिल करना चाहिए ।

शुगर को खत्म करने वाले योग-

  • पश्चिमोत्तानासन,
  • शवासन ,
  • मण्डूक आसान ,
  • धनुरासन ,
  • सुप्तमत्स्येन्द्रासन,
  • अर्धमत्स्येन्द्रासन,
  • सेतुबंधासन,
  • बलासन,
  • वज्रासन,
  • सर्वांगासन,
  • हलासन,
  • चक्रासन,
  • बद्ध हस्त उत्तानासन ,
  • सूर्य नमस्कार,


कपालभाति प्राणायाम

लेखन -: योगाचार्य डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ )

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