योग से संभव है बीमारियों का उपचार-आचार्य मिलिन्द्र जी

योग से संभव है बीमारियों का उपचार,योग से बीमारियों का उपचार

योग से संभव है इन बीमारियों का उपचार सर्दी जुकाम, दमा, थायराइड, माइग्रेन,बदन दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल, घुटनो कब दर्द ,साइटिका, जोड़ों के दर्द, गैस संबंधी विकार, शुगर, गठिया, मोटापा, पाइल्स ,कम व ज्यादा ब्लड प्रेशर, चर्म रोग, स्ट्रेस व डिप्रेशन आदि बीमारियों को भगाया जा सकता है।

योग से ठीक होने वाले रोग-

योग के माध्यम से कौन कौन से प्रमुख रोग ठीक होते है आइये उनके बारे में संक्षिप्त में जानते है -:

  • 1) अस्‍थमा -:

नियमिय योग अभ्यास से अस्‍थमा को ठीक किया जा सकता है । शुरूआत में योग करने से एकदम लाभ नही मिलेगा लेकिन लम्बे समय तक नियमित करने से लाभ नजर आने लगते है ।

लगातार अभ्यास से आपको इंहेलर लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। योग से फेफड़े में ताजी हवा पहुंचती है और सांस से जुडी सारी समस्‍याएं दूर हो जाती है।

  • 2) डायबीटीज -:

एक बार यदि आपको शुगर हो गयी तो फिर कहाँ जाता है कि इसका इलाज संभव नही है ।
वास्‍तव में आप इंसुलिन प्रतिरोधक का इलाज नहीं कर सकते लेकिन अपने ब्‍लड़ सुगर को कंट्रोल करना योग से संभव है ।

योग से डायबिटीज टाइप-2 में भी बहुत राहत मिलती है। कई केसेज में तो नियमित योग करने वाले मरीजों को दवाइयों से भी मुक्ति मिल गई।

एम्स दिल्ली द्वारा योग पर किये गए शोध में डायबिटीज टाइप-1 मरीजों पर योग का कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला,लेकिन जिन्हें अलग से इंसुलिन की जरूरत नहीं पड़ती ऐसे मरीजों ने योग के माध्यम से अपनी बीमारी पर कंट्रोल जरूर पाया है ।

  • 3) हाइपरटेंशन -:

हाईब्‍लड़ प्रेशर कई रोगों की जनक है । अगर आप हाईपरटेंशन से मुक्त होंगे तो अनेक छोटी मोटी बीमारी आपको छू भी नही पाएगी ।
योगा व ध्यान के माध्यम से हाइपरटेंशन को दूर किया जा सकता है। शोध के अंतर्गत धीमी गति से किए जाने वाले प्राणायाम को हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद पाया गया ।

साथ ही यह भी निष्कर्ष निकाला कि धीमी सांस लेने से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर में काफी कंट्रोल देखा गया

  • 4) अपच -:

दिनचर्या में सुधार करके एवं योग की मदद से अपच से आराम मिलता है।

  • 5) माइग्रेन -:


माइग्रेन का मुख्‍य कारण दिमाग तक ब्‍लड़ का पर्याप्‍त मात्रा में पहुंच नही पाता है। योग करने से मांइड में फ्रेशनेस बनी रहती है। सिर के बल किये जाने वाले बहुत लाभदायक होते है ।

  • 6) पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द-


प्रोफेशनल और कामकाजी लोगों को यह तकलीफ बहुत अधिक होती है । दिनभर एक स्थान पर बैठने से यह समस्या शुरू होती है । पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द होना बेहद तकलीफदेह होता है। योग आसानो के माध्यम से इस दर्द से मुक्ति आसानी से पाई जा सकती है ।

  • 7) आर्थराइटिस ( गठिया )-


आर्थराइटिस, या जोड़ो का दर्द शोध में पाया गया कि योग से यह पूरी तरह ठीक नही हो सकती लेकिन नियंत्रित रहती है ।

  • 8) लिवर समस्‍या -:


योगा की मदद से पेट मे ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जो लिवर के लिए फायदेमंद होता है ।

  • 9) डिप्रेशन :-

शोध में पाया गया कि प्राणायाम करने के बाद मरीजों के स्ट्रेस लेवल में तेजी से कमी आई । योग फील गुड हार्मोन्स को जनरेट करता है । योगा की मदद से डिप्रेशन को दूर भागा जा सकता है।

  • 10.मेटाबॉलिक सिंड्रोम (कई मिलीजुली बीमारियां) -:

ये सिंड्रोम कई बीमारियों का मिला जुला रूप है । इनमें मोटापा, कॉलेस्ट्रॉल और बीपी जैसे लक्षण प्रमुख रूप से देखे जाते हैं। इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को डायबिटीज होने की संभावना बाकी लोगों से 5 गुना ज्यादा और ह्रदय संबधित बीमारी होने की संभावना तकरीबन 2 गुना ज्यादा बढ़ जाती है। रिसर्च से पता चला कि इस सिंड्रोम की जड़ में तनाव का बहुत बड़ा योगदान है ।

  • 11.न्यूरो मस्क्यूलर डिसऑर्डर –

इसके रोगियों में मिर्गी आना या लकवा मार जाने जैसी परेशानियां होती है । रिसर्च में यह पाया गया कि अगर मिर्गी के मरीजों को कुछ खास तरह के प्राणायम करवाए जाएं तो उन्हें इससे काफी फायदा मिलता है।

योग बीमारियों को जड़ से खत्म करेगा-:

आज हम सभी यह जानते है कि योग से लगभग सभी प्रकार की बीमारियों का उपचार हो सकता है। लेकिन आवश्यकता है नियमित दिनचर्या में 1 घन्टा योग प्रतिदिन शामिल करने की लेकिन सबकुछ जानकर भी लोग ऐसा नही करते फिर जीवन भर की पूंजी हॉस्पिटल में जमा करनी होती है । या डॉक्टर की सलाह पर मजबूर होकर योग अपनाना पड़ता है ।

यह अटल सत्य है कि अगर आप नियमित रूप से योगाभ्‍यास करते है तो आपका शरीर किसी भी ज्ञात एवं अज्ञात रोग से मुक्‍त हो सकता है ।

अगर आपके शरीर में कुछ बीमारियों का विकास हो रहा है तो योगा करके प्राकृतिक तरीके से आप उस बीमारी से मुक्त हो सकते है ।

आज के दौर में हम सभी देखते है कि दिनभर टीवी ,लैपटॉप ,मोबाइल व वीडियो गैम से चिपके रहने से बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास बाधित हो रहा है। जो कि आने वाले समय के लिए बहुत घातक है ।

भारत मे चटपटे एवं तीखे खाने और तला गले खाने के शौकीनों की संख्या करोड़ो में है । कुछ लोग तो प्रति सप्ताह में एक दिन बड़ी होटलों में खाना खाने को अपनी शान से जोड़कर देखते है ।

जिस कारण युवाओं के साथ-साथ बच्चे भी बड़ी बड़ी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इन बीमारियों से निजात पाने के लिए योग को अहम माना जा रहा है।

गलत तरीके से योग करना-

कुछ लोग सुबह की मार्निंग वॉक पर सालो से जा रहें है उन्हें कोई फायदा नही मिल रहा है । लेकिन उन्होंने कभी इसके पीछे के कारण को जानने की कोशिश ही नही की असल में ऐसे लोग खुद को धोखे में रखना ही पसन्द करते है ।

घूमते समय वे शरीर के आराम का बहुत ध्यान रखते है । उन्हें कभी पसीना भी नहीं आता। जब मेहनत होगी ही नही तो फायदा मिलेगा कैसे ।

गार्डन में में कुछ लोगो को देखता हूँ वो गलत सलत मनमर्जी के योग और एक्सरसाइज करते है । उनसे पूछो क्या कर रहें है तो सीना चौड़ा करके कहते है में तो रोज योग करता हूँ ।

लेकिन योग कैसे किया जाए ,सही योग क्या है ,आसान के सही पोज कौन से होंगे इन सब बातों से उनका दूर दूर तक कोई नाता नही ।
हम सभी जानते है कि हर रोज एक घंटा योग करें तो बड़ी से बड़ी बीमारियों का भी उपचार किया जा सकता हे है। लेकिन जीवन मे इस बात को आत्मसात कोई नही करता आखिर क्यों ?

इसका बहुत बड़ा कारण है आलस्य । विदेशीयों ने योग को अपना लिया लेकिन हमारे ही देश में कुल आबादी के केवल 3 % – 5% लोगो ने ही अब तक योग को अपनाया है ।

अधिकांश लोगों को योग से शुरुआत करने के बाद रिजल्ट की इतनी जल्दी रहती है कि सिर्फ एक माह में ही सभी बीमारियों का जादुई चमत्कार से उपचार करना चाह रहे हो ।

कुछ तो विरले लोग भी मेने देखे उनके घर शादियां थी तो 3 महीने पूर्व योग क्लास को ज्वाइन किया फिट हो गए वजन 10 किलो तक कम कर लिया ।

शादी समारोह पूर्ण होते ही फिर योग से दूरी बनाकर आलस्य को अपना लिया । अब अगले 4 माह बाद पुनः उनका वजन 10 किलो बड़ जाएगा फिर उन्हें मजबूरी में योग करना पड़ेगा ।

योग के साथ खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। अनेक लोग सुबह तो योग करते है और शाम को महफिलों में शामिल हो खूब छककर भोजन करते है ।

अस्पताल जाने से जीवन भर यदि पिंड छुड़ाना है तो शरीर व आत्मा से प्रसन्न रहना ही होगा और खान-पान भी सात्विक रखना होगा । अन्यथा योग के भी सुखद परिणाम प्राप्त नही होंगे ।

कोरोना के कारण उपजे हालतों में शांत व तनावमुक्त रहने के लिए योग करना बहुत जरूरी है। जो लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, उन्हें भी सुबह या शाम में से एक समय योग जरूर करना चाहिए।

बच्चों को ऑनलाइन क्लास में जुड़ना अनिवार्य हो चला है जिसका विपरीत असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है । बच्चे किसी बीमारी का शिकार हो इसके पहले ही योग से उन्हें जोड़ने का यही सही समय है ।

लेकिन योग का प्रभाव इससे अनेक गुना है ऐसे अनेक रोग जिनका इलाज भी चिकित्सा जगत के पास उपलब्ध नही है । उन रोगों को भी योग के माध्यम से ठीक किया जा सकता है ।

जिया तरह नियमित ब्रश करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा है ठीक उसी तरह योग को भी जीवन की दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए ।

आवश्यक सलाह –


यह प्राणायाम खाश प्रोटोकॉल के तहत योग के अनुभवी प्रशिक्षित योगाचार्यो द्वारा उनकी देखरेख में किया जाना चाहिए ।
6 महीने तक मेडिटेशन करने के बाद जब मिर्गी के मरीजों को जांचा गया तो फायदा पहुंचने वाली दिमागी अल्फा वेव्स में काफी बढ़त देखी गई।

स्ट्रोक की वजह से लकवा मार जाने की समस्या योग के असर को जांचा गया । इससे यह साबित हुआ कि इस योग आसनों की वजह से न सिर्फ उनके सन्तुलन में इजाफा हुआ बल्कि उनकी स्पीच और शरीर पर कंट्रोल भी बढ़ा।

लेखन -: योगाचार्य डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ

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