योग और जिम में क्या बेहतर है ? yoga and gym

योग और जिम में क्या बेहतर है,Yoga and Gym

yoga और gym में क्या बेहतर है for health-:

    कोरोना काल मे अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को योग कराया गया । gym नही कराई गई आखिर दुनिया के चिकित्सा विशेषज्ञों ने yoga को प्रमाणित कर दिया । योग से ही शरीर स्वस्थ्य होगा इस पर मोहर लगा दी ।

जिम जाकर क्या आप पूर्ण स्वास्थ्य पा सकते है ?- 

विश्व के लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी ने योग अपनाया आज भी अनेक युवा उनके फिटनेश की बराबरी नही कर सकते । उनके चहेरे का ओज उनका पूरे साल कभी अवकाश न लेना कभी बीमार न पढ़ना सब कुछ योग से ही संभव है । हम सब ऐसा मानाते है कि पहला सुख निरोगी काया है ।

  यह सच भी है और एक निरोगी काया के लिए स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है । अनेको लोग पूरे जीवन मे पैसा तो कमा लेते है लेकिन स्वास्थ्य गंवा देते है । ऐसे में मेहनत से कमाए पैसो से डॉक्टरों की तिजोरियां भरा जाती है और व्यक्ति अस्वस्थ्य होकर अंदर से दुखी भी रहता है पीड़ा को भी सहता है ।

  लेकिन सबके मन मे बड़ा सवाल आता है कि दैनिक जीवन मे नियमित ऐसा क्या किया जाए जिससे शरीर को स्वास्थ्य रखा जा सकें ? अधिकांश व्यक्ति मुझसे पूछते है क्या ज्यादा फायदेमंद है, yoga and gym ?

इसी जिज्ञासा को दूर करने के लिए इस लेख में हम आपको संग्रहित रूप में बता रहें है क्या हमारे लिए बेहतर है ?   यदि आप कोई बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले हो ,मॉडल या फ़िल्म लाइन में है या हीरो बनने का शोक रखते है ।

तब तो जिम जाना आपके लिए अतिआवश्यक है । क्योंकि इन क्षेत्रों में दिखावटी शरीर की ज्यादा मांग होती है ।   लेकिन यदि आप स्वास्थ्य जीवन जीना चाहते है तब आपके  लिए yoga ही पर्याप्त है ।

कुछ युवा स्वास्थ्य प्रेमियों ने मुझसे पूछा  की दोनों भी तो एक साथ किये जा सकते है । सुबह योग शाम को gym इससे दोनों के फायदे मिल जायेंगे । वास्तव में ऐसा संभव ओर आसान नही है।  

क्योंकि दोनों को बहुत समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है, दोनो करने के बाद एक व्यक्ति पूरी तरह से थका हुआ महसूस करता है और उसे आराम की आवश्यकता होती है। इसलिए विशेषज्ञ अनुशंसा करते है कि वो दोनों में से एक को चुने । बड़े बड़े बॉडी बिल्डर अपने स्वयं के हाथ को स्वयं की पीठ पर नही ले जा सकते ।  

योग से शरीर लचीला होता है-

  उनके अंदर लचीलापन खत्म हो जाता है । क्योकि उनका शरीर कड़क हो जाता है । लेकिन योगिक व्यक्ति अपने शरीर को हर एंगल में घुमा सकता है ।अनेको योगी तो 90 से 100 वर्ष की उम्र में भी ऐसे आसान कर लेते है कि उन्हें देखकर लोग दांतो तले उंगली दबा लेते है । योगी का शरीर लचीला होता है एवं पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त होता है ।  

जब जिम बनाम योग(yoga and gym) की बात आती है, तो आपको केवल एक ही चुनना सही होगा ।योगिक शरीर और जिम वाले शरीर के बीच हमेशा बहुत अंतर होगा। योगिक शरीर लचीला होगा जबकि एक जिम वाला शरीर मांसपेशी में वृद्धि लाता है पर वह लचीला नहीं होता ।

gym sideiffect-

जब तक आप जिम जाते रहेंगे तब तक उसका असर दिखता रहेगा लेकिन एक न एक दिन जब आप छोड़ेंगे तब आपका शरीर पुनः नुकसान में जाना तय है ।

विश्व के लोकप्रिय बॉडी बिल्डरों का बुढापा हड्डियों के असहनीय दर्द से गुजरता है । विश्व के महान बल्लेबाज क्रिस गेल ने जिम छोड़कर योग को अपने जीवन मे अपनाया और स्वयं को ज्यादा तरोताजा ओर फिट पाया ।  

दिखावे की बात की जाए तो पहली नजर में जिम वाला शरीर आकर्षण का केंद्र होगा । सामान्य बुद्धि के लोग टाइट शर्ट ,टीशर्ट टाइट होने को ही स्वास्थ्य शरीर मान लेते है । लेकिन आकर्षक शरीर पूर्ण स्वास्थ्य होने की ग्यारंटी बिल्कुल भी नही है । याद रखिये जिम में सिर्फ बाहरी शरीर पर कार्य किया जाता है ।  

योग ब्राह्य शरीर के साथ साथ आंतरिक शरीर और भावनात्मक रूप से भी मजबूती प्रदान करता है । व्यक्ति को बाहरी ,आंतरिक ,मानसिक स्वास्थ्य प्रदान होता है ।

  जिम में व्यायाम करने के बाद आप थका हुआ महसूस करेंगे, लेकिन योग करने के बाद आप खुद को पहले से कहीं ज्यादा तरोताज महसूस करेंगे। जिम का सबसे नेगेटिव पाइंट है । जिम जाना छोड़ देने के बाद यह बनावटी हार्डनेस व्यक्ति को वक्त से पहले ही बुढ़ा बना देती है।  

इम्युनिटी में बेहद सुधार-

  उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों का दर्द तेजी से बढ़ने लगता है। माँस-पेशियों में खिंचाव की समस्या से जीवन भर लड़ना पड़ता है। योग का शरीर लचीला होता है। इसे ICMR guideline के अनुसार अतिरिक्त भोजन की आवश्यकता नहीं होती और यह सभी तरह के रोग से बचने की क्षमता रखता है क्योकि योग से इम्युनिटी में बेहद सुधार होता है ।

Yoga and Gym-

  •   योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है । लगातार योग करने के बाद योग छोड़ भी देते हैं तो इससे शरीर में किसी भी प्रकार का ढलाव नुकसान  नहीं होता ।जिम का शरीर हवा नुमा गुब्बारे के समान होता है ।
  • आश्चर्य की बात है जिम छोड़ते ही गुब्बारा पिचक जाता है शरीर निढाल दिखने लगता है ।   जिम में आप ज्यादा वजन उठाते हैं जिससे जोड़ों पर दबाव पड़ता है और चोट भी लग सकती है जिसका दर्द युवा अवस्था मे भले ही न हो लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह दर्द असहनीय होता है।
  • योगा में आप शरीर को एक मुद्रा में स्थिर रखते हैं इसलिए शरीर अगली मुद्रा के लिए तैयार रहता है।   वहीं yoga के लिए किसी भी तरह की मशीनों की जरूरत नहीं होती है ।
  • न कोई खर्च करना पड़ता है। आप योगा को घर पे, बाहर या फिर छोटी सी जगह में भी कर सकते हैं। एक बार योग सिख कर जीवन भर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते है ।
  • योगा के लिए आपको केवल 6 फ़ीट बाय 4 फ़ीट जगह की आवश्यकता होती है। gym में ज्यादा जगह और ज्यादा महेंगे उपकरण चाहियें होते है ।  
  • योग का नियमित अभ्यास करने से शरीर में अनेको लाभ होते है। यह एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जो स्वस्थ और तनाव मुक्त जीवन जीने में भी मदद करता है।
  • योगा तनाव को कम करने के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता है। कोरोना काल मे मानसिक तनाव को दूर करने में करोड़ो लोगो ने दुनिया मे योग को अपनाया ।
  •   इसका प्रमाण यूट्यूब के सर्च रिजल्ट है । यह आपको मानसिक शांति देकर तनाव और चिंता को कम करता है।  जिम आपको शारीरिक ऊपरी रुप से फिट तो रखता है लेकिन इसमें तनाव मिटाने के गुण नहीं होते।
  • जबकि योग में  कैंसर, अस्थमा और हृदय रोग जैसी घातक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।   yoga करते समय आप आसानी से या नियंत्रित सांस ले सकते हैं।
  • लेकिन gym में व्यायाम करते समय आप तेजी से सांस लेते हैं जो नुकसान दायक होती है।तनाव के समय हम ठीक प्रकार से सांस नहीं लेते हैं और लेते हैं तो भी ऊपरी सांस लेते हैं।
  • गहरी एवं आरामदायक सांस के बिना सही तरह सोचा नहीं जा सकता है।   yoga में हम सांस को महत्व देते हैं और जिससे जरूरत के समय हम गहरी सांस ले पाते हैं। साँसों के अभ्यास पर ध्यान दिया जाता है जो फेफड़ो की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है ।
  •   gym में एक दूसरे से ज्यादा व्यायाम करने की प्रतिद्वंदीता, गानों की तेज आवाज और चमकती लाइट्स आपके तनाव को कम करने की जगह तेजी से बढ़ा सकती हैं। जबकि योग में ऐसा शांत सुंदर वातावरण होता है । आपसी प्रेम का वातावरण योग साधकों में बना रहता है ।  
  • योगा कोई भी कर सकता है । बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्ति भी yoga कर सकते है जबकि जिम केवल कुछ उम्र तक ही संभव है । अनेको लोगों का मानना है कि कम उम्र में gym शुरू करने से हाइट की बढ़ोतरी रुकने का डर बना रहता है । जबकि योग आपकी रुकी हाइट को बढ़ाता है ।  
  • योगा आत्म-विश्वास भी बढ़ाता है। जिम में यदि आप अच्छा नहीं कर पाते हैं तो आपका आत्म-विश्वास तेजी से डगमगा जाता है आप स्वयं को कमजोर समझने लगते है ।
  • मसल्स को टोन करने और बिल्ड करने के लिए जिम से आपको जल्दी परिणाम मिलते हैं बल्कि योगा परिणाम देने में अधिक समय लेता है। लेकिन प्राप्त परिणाम स्थायी रहने की प्रकृति योग में ज्यादा रहती है ।
  •   जिम की मशीन आपके हर बॉडी पार्ट पर असर दिखाये यह आवश्यक नही लेकिन योग सर के बाल से लेकर पैर के नाखून तक शरीर के हर अंग पर हर स्तर पर अपना असर दिखाता है ।
  • योग करने से बुढापा स्वयं आपसे दूर हो जाता है । जिम में डाइट के तौर पर आपको मांसाहार की सलाह ज्यादा दी जाती है.   जिसने कभी मांसाहार का सेवन नही किया है ऐसे व्यक्ति के लिए यह भावनात्मक उत्पीड़न के समान होता है ।
  • अनेको लोगो ने इस कारण से मांसाहार को अपनाया और बाद में जीवन पर पछताने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नही होता है। जबकि योग आपको शाकाहारी बनाने पर जोर देता है ।  
  • जिम जाने पर लिए जाने वाले पाउडर आपको किडनी की गम्भीर बीमारीयों ,कब्ज को गम्भीर बीमारी की तरफ तेजी से ले जाते है ।
  • जबकी योग में अंकुरित आहार ,फल सब्जियां ,ऋतू अनुसार भोजन,फाइबर युक्त भोजन पर जोर दिया जाता है । जिम में एसी के अंदर बंद कमरे में वर्क आउट किया जाता है जो शरीर के लिए घातक होता है । योगा आपको प्रकृति के निकट लाता है ।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिम आपकी बीमारियों को ठीक नही कर सकता योग आपकी बीमारी ठीक कर सकता है साथ ही यदि आप स्वस्थ्य हैं तो आपको जीवन पर्यंत स्वस्थ्य रहने की ग्यारंटी प्रदान करता हैं ।      

फिटनेस के लिए आखिर yoga ही क्यों बेहतर है gym नही? -:

    हमारे मन में जब भी स्वास्थ (फिट )रहने की बात आती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में शारीरिक स्वास्थ ही आता है। परन्तु ऐसा नहीं है कि योग करने से सिर्फ शारीरिक लाभ ही होता है बल्कि मानसिक लाभ भी प्राप्त होता है।योग भावनात्मक रूप भी हमे मजबूत करता है ।  

जीवन में खुश रहने के लिए एक व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक,एवं भावनात्मक तीनों ही तरह से फिट होना जरूरी है। वैसे तो योग जीवन के अनेक पहलूओं पर काम करता है ।

जहां योगासन के जरिए हमारा शरीर स्वस्थ होता है वहीं प्राणायाम हमारे मन पर काम करता है।दुनिया के अन्य व्यायाम केवल शारिरिक तौर पर ही लाभ पहुंचाते हैं ।

  लेकिन योग हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है ।आज के समय में, लोगों की जीवनशैली ऐसी है कि उन्हें अपने लिए समय निकालना बेहद मुश्किल होता है । नियमित तनाव का स्तर बड़ा है । अनियमित दिनचर्या से अनेकों रोग हमे घेर लेते है ।  

इसलिए जरूरी है कि हम अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखें ताकि किसी भी तरह की हेल्थ संबंधित समस्या से दूर रहें। दुनिया को योग भारत की ही देन है ।

योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति और जीवन शैली के प्राण हैं, हमारे यहां तो योग व प्राणायाम ऋषि मुनियों की अमूल्य देन मानी जाती है। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को वरदान माना गया है ।  

वैज्ञानिक एवं चिकित्सकिय रिसर्च में भी यह सिद्ध हो चुका है । वैसे तो भारत में आदिकाल से ही योग का प्रयोग किया जाता है । हमारे ऋषि मुनियों ने योग विद्या के माध्यम से अनेकों आसाध्य रोगों का उपचार बताया है ।

अनेकों आयुर्वेद के ग्रन्थों में भी योग का जिक्र मिलता है ।   आज के समय मे अनियमित जीवनशैली के कारण अनेकों रोगों से मानव जीवन कष्टमय हो गया है ।

सब कुछ होते हुए भी स्वास्थ्य लाभ न होने से जीवन का सुख नही मिल पाता है । yoga द्वारा दिमाग में मौजूद (फील गुड हार्मोन) डीहाइड्रोएपियनड्रोस्ट्रोन (डीएचएई) हार्मोन के बढऩे से व्यवहार खुशमिजाज होता है।

  तनाव का स्तर बहुत तेजी से घटता है।योग जिस तरह से आपके शरीर के हर स्तर पर काम करता है ठीक उसी तरह से वो मन की गहराईयों में भी प्रभाव डालता है।  

योग करने से सकारात्मक विचार ही मन मे आते है एवं महज प्राणायाम करने मात्र से ही मन का शांत होना शुरू हो जाता है क्योंकि मन का सीधा सम्बन्ध हमारे प्राणों से होता है।आज के इस समय में कई सारे रोगों का उपचार योगासनों व प्राणायामों के जरिए संभव हो गया है इस बात को वैज्ञानिकों ने बारीकी से जांच करने के बाद स्वीकारा है।  

अनेकों डॉक्टर ,वैज्ञानिक ,अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी ,नेता नियमित योग करते है । मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अवसाद के लिए डॉक्टर प्रमुख रूप से योग करने की सलाह देते है ।

कहते हैं कि नियमित रूप से अगर कोई व्यक्ति योग करता है तो वो इन सभी ज्ञात एवं अज्ञात रोगों से बच सकता है।    

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