[डबल चिन] कम करने के लिए योगा Yoga And Exercises To Double Chin

डबल चिन] कम करने के लिए योगा Yoga And Exercises To Double Chin

आधुनिक जीवन शैली एवं गलत खानपान की आदतों एवं किसी शारीरिक समस्या के कारण शरीर पर जमने वाली अतिरिक्त चर्बी पेट के साथ-साथ चेहरे के आसपास ओर चीन या ठुड्डी के नीचे लटकने लगती है । डबल चिन को खत्म करने के लिए सरल योगा एवं उपाय के बारे में जानते हे.

Double Chin Exercise-

डबल चिन के लिए एक्सरसाइज व लाभदायक प्राणयाम

  • परशुराम प्राणायाम -:
  • कपालभाति प्राणायाम -:
  • उज्जायी प्राणायाम :-
  • सिहांसन –:
  • उष्ट्रासन -:

आसान डबल चिन के लिए योगा-

  • सिहांसन –:

पैरों के पंजो पर बैठ जाये और घुटने दूर दूर करके सन्तुलन बनाते हुए हाथों की हथेलियों के बल टिकाकर इस तरह रखें कि सभी उंगलियां आपके पेट की दिशा में हो ।

अब जीभ को बाहर निकाल कर नीचे की ओर ले जाएं एवं अपने मुंह को जितना हो सके उतना खोलें और फैलाएं। और जोर जोर से सिंह की दहाड़ के समान आवाज निकालें ।

  • उष्ट्रासन -:

वज्रासन में बैठकर धीरे धीरे घुटने के बल सन्तुलन बनाकर खड़े हो जाये अपनी पीठ के निचले हिस्से को सहारा देते हुए पीछे की ओर झुकें। अपनी दोनों एडियों को बारी बारी से पकड़ें और अपने पेट को आगे की तरफ अधिक ले जाने का प्रयास करें।


इससे पीछे की तरफ आपका झुकाव और गहरा होता जाएगा।सिर को पीछे लटका दें और इस तरह ब्‍लड सर्कुलेशन सिर की ओर होने लगेगा। गर्दन पर स्ट्रेचिंग होगी जो कि चीन के फैट को कम करने में मददगार होगा ।

  • भुजंगासन -:


सूक्ष्म व्यायाम करने के बाद नीचे अपना योगा मेट या आसान बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं। ध्यान रखें कि आपके टखने एक-दूसरे के समीप रहें ।

इसके बाद धीरे धीरे अपने दोनों हाथों को सोल्डर के बराबर लेकर आएं और दोनों हथेलियों को जमीन की तरफ करें । अब धीरे धीरे अपने शरीर का वजन अपनी हथेलियों पर डालें, धीमी गति से बिना आवाज के सांस भीतर खींचें और अपने सिर को उठाकर पीठ की तरफ खींचें।

लगातार अभ्यास के बिना अधिक न खिंचे । ध्यान दें कि इस वक्त तक आपकी कुहनी हल्की सी मुड़ी हुई है। इसके बाद अपने सिर को पीछे की तरफ खीचें और साथ ही अपने चेस्ट को भी आगे की तरफ निकालें।

सिर को कोबरा सांप के फन की तरह खींचकर रखें। लेकिन ध्यान दें कि आपके कंधे कान से दूर रहें और कंधे मजबूत बने रहें। उन्हें ढीला न छोड़े ।

इसके बाद अपने हिप्स, जांघों और पैरों से फर्श की तरफ दबाव बढ़ाएं। शरीर को इस स्थिति में करीब 15 से 30 सेकेंड तक रखें और सांस की गति सामान्य बनाए रखें।

ऐसा महसूस करें कि आपका पेट फर्श की तरफ दब रहा है। लगातार अभ्यास के बाद आप इस आसन को 2 मिनट तक भी कर सकते हैं। धीरे धीरे जैसे गए थे उसी अंदाज में वापस आये ।

  • पाद हस्तासन-

सीधे खड़े हो जाएं एवं आसान करने के पहले सूक्ष्म व्यायाम अवश्य करें । शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करना अनिवार्य है । शुरुआत में यह आसान करना बेहद कठिन होता है लेकिन नियमित अभ्यास से आप इसे आसानी से कर सकते ।

सीधे खड़ी अवस्था से दोनों हाथों को ऊपर लेकर जाएंगे वहां से कमर को मोड़ते हुए ध्यान रहें ऋण की हड्डी सीधी रहें छत को देखते हुए आगे की तरफ झुकें।

यहां पर शरीर को संतुलित करने की कोशिश करें। इसी अवस्था मे हिप्स और टेलबोन को हल्का सा पीछे की ओर ले जाएं।
अपने दोनों हाथों की उंगलियो को पैर के पंजे के नीचे दबा लें।


आपके पैर एक-दूसरे के समानांतर रहेंगे। आपका सीना पैर के ऊपर स्पर्श करता रहेगा।सीने की हड्डियों और प्यूबिस के बीच ज्यादा जगह रहेगी । जांघों को अंदर की तरफ दबाएं और शरीर को एड़ी के बल स्थिर बनाए रखें।


सिर को नीचे की तरफ झुकाएं और टांगों के बीच से झांककर देखते रहें। इसी स्थिति में आरम्भ के समय 15-30 सेकेंड तक स्थिर बने रहें। लगातार अभ्यास के बाद समय को बढ़ाया जा सकता है ।

धीरे धीरे साँसों को छोड़ते हुए ऊपर की तरफ उठें और सामान्य होकर खड़े हो जाएं

Yoga And Exercises To Get Rid Of Double Chin in Hindi-


जबड़े के नीचे एवं आसपास अत्यधिक फैट जमा हो जाने से चेहरा कुरूप नजर आने लगता है । जिसके कारण व्यक्ति असहाय महसूस करता है । ऐसे में यदि कोई उसे कह दें कि क्या बात है आजकल बुढ़ापा आ गया आपका तो व्यक्ति शर्मसार हो जाता है

कल के मेरे लेखको पढ़ने के बाद अनेक लोगो ने मुझे निजी रूप से वाट्सएप करके इस समस्या पर लेख लिखने का आग्रह किया । उन सभी पाठकों के लिए आज का यह लेख बेहद महत्वपूर्ण है ।

डबल चीन होने का कारण

टेक्नोलॉजी के इस आधुनिक युग में दिनभर या तो हमारी नजर फोन पर होती है या फिर लैपटॉप पर। दोनों ही समय गर्दन नीचे की ओर होती है और बिना हिला डुले हम बहुत देर तक इसी अवस्था मे स्वयं को रखते है ।

इसी कारण से गर्दन का मूवमेंट कम हो पाता है जिसकी वजह से चिन फैट की समस्या हो जाती है। डबल चीन आपके आकर्षक व्यक्तित्व को बिगाड़ने के लिए पर्याप्त होती है। आपकी खूबसूरती में यह चर्बी का लटकना अच्छा नही माना जाता है ।

अधिक वजन वालों में यह समस्या होना आम बात है लेकिन जरूरी नही यब समस्या उन्हें ही हो कम वजन होने के वाबजूद अनेक लोगो मे यह समस्या देखी गयी है ।

उम्र बढ़ने के कारण त्वचा का लटकना इसका एक कारण हो सकता है वही जेनेटिक भी यह आपको हो सकती है ।

कम करने के उपाय-

एक बार यदि डबल चीन से आप ग्रस्त हो गए तब इसको निकालने के लिए आपको खूब मेहनत करनी होगी इससे अच्छा है कि नियमिय योग करके भविष्य में भी ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है ।

  • नियमित मालिश-

करके भी जबड़े के नीचे के हिस्से से फेट को खत्म किया जा सकता है । यदि आप डबल चीन की समस्या से बचना चाहते है तो रोज डबल चिन के लिए योगा करें ।

गले के पास की एवं जबड़े के नीचे की मांसपेशियों में रक्त संचार कम होने की वजह से डबल चिन की समस्या जन्म लेती है । हालांकि रक्त संचार को ठीक करके जीवन भर इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है ।

गेहूं के बीज का तेल जो कि विटामिन ई का स्त्रोत है ठुड्डी पर इसे लगाने से इस समस्या का धीरे धीरे समाधान हो सकता है । 30 मिनट तक लगे रहने दे । या रात में सोते समय लगाकर पूरी रात लगा रहने दें ।

गेहूं के बीज की जगह जैतून के तेल को हल्का गर्म करके मालिश की जा सकती है । जैतून का तेल एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-ई (अल्फा-टोकोफेरॉल) से परिपूर्ण होता है जो कि त्वचा को पुनः पोषित करके फैट हटाने में मदद करता है ।

विटामिन ई के कैप्सूल लेकर उनके अंदर का तेल एक कटोरी में निकाल ले इसकी मालिश नियमित करने से बहुत लाभ होगा ।

  • कैलोरी सेवन-

पौष्टिक आहार लें एवं वजन पर अपना नियंत्रण रखें । कैलोरी सेवन को संतुलित करें ।

बिना कुछ खाये मुहं को ऐसे चलाते रहना है जैसे हम कुछ खा रहे है रोज 20 मिनट यह क्रिया दोहराने से डबल चीन में बहुत राहत मिलती है ।

  • लगातार बोलते रहें-

जब भी फ्री टाइम हो X एवं O का बार बार लगातार बोलते रहें । एक बार X बोले एक बार O बोले । गर्दन को क्लॉक वाइज एवं एंटीक्लॉकवाइज घुमाना भी गर्दन की त्वचा की स्ट्रेचिंग में मदद करता है ।

इसके अलावा आप सुखासन में बैठकर आसमान की ओर देखे फिर आसमान की तरफ ही लगातार फेस रखकर आप बार बार O बनाये इस प्रक्रिया बार बार करें ।

गहरी सांस लें और मुंह में इतनी हवा भरे, जैसे गुब्बारा फुलाने के लिए मुंह में हवा भरते हैं। पांच सेकेंड तक इसी मुद्रा में रहें। अब पांच सेकेंड तक दाएं गाल को दबाएं और फिर बाएं गाल को। फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को पांच से आठ बार दोहराएं।

लेखन -: योगाचार्य डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ

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